RAAHULL SHARMA stories download free PDF

अवनि एक अटूट विश्वास - 10

by RAAHULL SHARMA
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आर्यमन ने देखा कि अवनि उससे दूर सिमट रही है। वह समझ गया कि उसके पिछले किए की परछाईं ...

कालू की पहाड़ी - 15

by RAAHULL SHARMA
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कार्तिक उस मलबे से किसी तरह बाहर निकला, उसके शरीर पर जख्म थे, लेकिन उसका संकल्प हिमालय जैसा अडिग ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 11

by RAAHULL SHARMA
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यही कारण था महारानी, कि वह भोली-भाली लड़की अपने राजधर्म और तुम्हारे प्रति अपने कर्तव्य को निभाने के लिए,तुम्हें ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 9

by RAAHULL SHARMA
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न्यूज किंग' का वह आलीशान दफ्तर, जो कभी सत्ता का केंद्र था, आज एक कुरुक्षेत्र बन चुका था।भीड़ का ...

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 9

by RAAHULL SHARMA
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हवेली की दीवारों के पीछे छिपा सन्नाटा अब और भी गहरा और डरावना हो गया था। जब मुन्ना मामा ...

अमावस्या की काली रात एक खोफ या श्राप - 10

by RAAHULL SHARMA
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अध्याय: नरसंहार और वहशीपन का तांडवजैसे ही रतन सिंह अपने हथियारबंद सैनिकों के साथ कबीले पहुँचा, उसने देखा कि ...

अवनि एक अटूट विश्वास - 9

by RAAHULL SHARMA
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खामोश इकरारपहाड़ी से कार तक का वह छोटा सा रास्ता जैसे एक अनंत सफर बन गया था। न अवनि ...

कालू की पहाड़ी - 14

by RAAHULL SHARMA
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बुजुर्ग की बातें सुनकर कार्तिक के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। बाबा की आँखें अब लाल हो चुकी थीं ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 10

by RAAHULL SHARMA
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पंडित जी ने एक पल का विराम लिया, हवा अचानक और ठंडी हो गई। उन्होंने गरजते हुए कहा, "बल्कि... ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 8

by RAAHULL SHARMA
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अब अंकुर और पंखुड़ी मंदिर के पीछे और बहुत विशाल बानी झील के पीछे जाते हैं वहां पर कुछ ...