रामगढ़ गांव के लोग सूरज ढलते ही अपने घरों की सिटकनियां चढ़ा लेते थे। मवेशी बाड़े में बांध दिए ...
आधी रात कौ फोनरात के पूरे दो बज रहे हते।बाहर झमाझम पानी बरस रओ हतो और सनसनाती रात में ...