Std Maurya stories download free PDF

डायरी का वो आखरी पन्ना - 2

by Std Maurya
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प्रियांशी अचानक तेजी से आगे बढ़ी। इससे पहले कि वह आदमी कुछ समझ पाता, उसने पूरे जोर से अपने ...

डायरी का वो आखरी पन्ना - 1

by Std Maurya
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मैंने उत्सुकता से कहा,“भंते जी, चलिए ज़रा करीब से देखते हैं… दूर से तो कुछ साफ दिखाई ही नहीं ...

कितनी खूबसूरत जगह हैं

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हम लोग अनुवाई जी के साथ चल दिए। जहाँ खाना बँट रहा था, उस स्थान पर पहुँचे तो देखा ...

चुपके-चुपके आऊँगा - भाग 14

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मैंने कहा—“चलो ठीक है… सफर का आनंद लेते हैं।लो, तुम लोग भी मूंगफली खाओ…”इतना कहकर मैंने मूंगफली का लिफाफा ...

बोधिवृक्ष और हम

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प्रियांशी की नींद अचानक टूटी, वह हड़बड़ाकर जागी और घबराते हुए बोली, "अरे... क्या हुआ?"​अंकिता ने चुटकी लेते हुए ...

चुपके-चुपके आऊँगा - भाग 13

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मैं रात भर इन्हीं बातों को सोचता रहा… और सोचते-सोचते कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला। (अगले ...

सफ़र की रंगत - 2

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यात्री ने लंबी सांस खींचते हुए कहा,“देखो बेटी! यह नन्ही-सी बच्ची नशीले पदार्थ बेच तो रही है, लेकिन सिर्फ ...

चुपके-चुपके आऊँगा - भाग 12

by Std Maurya
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मैंने पूछा— “कोई बात नहीं सर… लेकिन सुनवाई शुरू होने में कितना समय लग सकता है?” अधिकारी ने शांत ...

सफ़र की रंगत - 1

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मैंने मुस्कुराते हुए कहा, "अरे प्रियांशी, कुछ हुआ तो नहीं मुझे ?"​प्रियांशी बोली, "हाँ, इतना कुछ हो गया और ...

चुपके-चुपके आऊँगा - भाग 11

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पापा बोले—“नहीं बेटा, कोई नहीं आया होगा… लगता है खिड़की खुली रह गई थी, उसी वजह से सामान बिखर ...