रात — वही कमरा। हल्की रोशनी… बाहर धीमी हवा…श्राव्या अब थोड़ा संभल चुकी है… कृषांत उसके सामने खड़ा है… ...
मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड़ाई अपने चरम पर ...
दिन बीतते गए…लेकिन हर दिन के साथ सिद्धिका कमजोर होती जा रही थी।अब वो पहले जैसी नहीं रही…जिसमें कभी ...
ऑटो उनके सामने आकर रुका…ड्राइवर ने अजीब नज़रों से दोनों को देखा —Driver बोला -क्या हुआ मैडम? ऐसे क्यों ...
कमरा — रात गहरी हो चुकी है। बाहर हल्की हवा चल रही है… खिड़की अब बंद है… सब शांत ...
दिल्ली स्टेशन पर ट्रेन आकर रुकी। भीड़, शोर, और भागते हुए लोग… सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन ...
रात अब भी गहरी थी…कमरे में हल्की सी रोशनी थी, और बाहर हवा अब शांत हो चुकी थी। सिद्धिका ...
रात के ठीक 12 बजे…सड़क सुनसान थी… हवा में अजीब सी ठंडक घुली हुई थी… रिद्धि सिंह अपनी scooty ...
ऑफिस — सीनियर्स के केबिन के अंदर। तीनों सीनियर्स ज़मीन पर बेहोश पड़े हैं। बाकी कर्मचारी दरवाज़े के बाहर ...
कुछ ही दिनों में हालात बदल गए…कृष्णा का फैसला पक्का था…और सिद्धिका अब भी उलझी हुई थी पर किसी ...