Sonam Brijwasi stories download free PDF

इस घर में प्यार मना है - 28

by Sonam Brijwasi
  • 117

कुछ महीने बीत गए। हवेली की जिंदगी अब पूरी तरह बदल चुकी थी। सुबह सब अपने-अपने काम में लग ...

दो पतियों की लाडली पत्नी - 23

by Sonam Brijwasi
  • 210

सुबह की हल्की धूप कमरे में घुस रही थी।श्रेया नींद से अभी-अभी उठी,करण और कबीर अब भी सो रहे ...

बिल्ली जो इंसान बनती थी - 17

by Sonam Brijwasi
  • (0/5)
  • 501

कार्तिकेय की गाड़ी मंदिर के पास रुकी।नरास्ते पर खड़ा एक गुंडा था, हाथ में बंदूक थामे। पंडित की कनपटी ...

ज़ख्मों की शादी - 17

by Sonam Brijwasi
  • (5/5)
  • 597

Present time....कबीर सोफे पर अकेले बैठा था। चेहरा ठंडा, आँखें गंभीर। पर हाथ… हाथ से खून बह रहा था। ...

Honted Jobplace - 6

by Sonam Brijwasi
  • (0/5)
  • 774

सुबह का समय है, सूरज की रोशनी बिल्डिंग पर पड़ रही है,पर अंदर के माहौल में अब भी एक ...

इस घर में प्यार मना है - 27

by Sonam Brijwasi
  • (5/5)
  • 432

रात गहरी चुकी थी। हवेली के आँगन में सन्नाटा था…सिर्फ घड़ी की टिक-टिक सुनाई दे रही थी। संस्कृति अपने ...

दो पतियों की लाडली पत्नी - 22

by Sonam Brijwasi
  • (5/5)
  • 723

Principal मैम ने जैसे-तैसे खुद को संभाला ही था कि बाहर खड़े दो–तीन शरारती स्टूडेंट उनकी आवाज़ें सुन चुके ...

बिल्ली जो इंसान बनती थी - 16

by Sonam Brijwasi
  • (0/5)
  • 717

शानवी की आँखों में गुस्सा और चोट का मिश्रण था।उसने महसूस किया कि कार्तिकेय ने उसकी भावनाओं को बहुत ...

ज़ख्मों की शादी - 16

by Sonam Brijwasi
  • (5/5)
  • 719

कबीर ने सृष्टि को तुरंत कार में बिठाया। उसका हाथ उसके हाथ में कसकर था। सृष्टि लगातार रो रही ...

इस घर में प्यार मना है - 26

by Sonam Brijwasi
  • (5/5)
  • 699

फिर क्या था…चट मंगनी, पट ब्याह! हवेली एक बार फिर सज उठी। इस बार दुल्हन थी — पारो। सादगी ...