Dev Srivastava Divyam stories download free PDF

पिता : मेरे सच्चे दोस्त

by Dev Srivastava
  • 9.9k

आज की रात मैं,फिर से बहुत रोया हूं ।उस दिन को याद कर,अंदर से मैं टूटा हूं ।वो तुम्हारा ...

यू आर माई यूनिवर्स : बियोंड द बाउंड्रीज

by Dev Srivastava
  • 5.1k

शाम का समय, सोनीपत - हरियाणा, आज का मौसम बहुत सुहाना था । हल्की हल्की धूप के साथ कुछ ...

कृष्ण-अर्जुन संवाद

by Dev Srivastava
  • (4/5)
  • 16.1k

हमारा दृष्टिकोणअर्जुन था बैठा शीश झुका कर,गाण्डीव को फेंक इस कुरुक्षेत्र में ।नहीं लड़ना था उसको अपने,सगे संबंधियों के ...

मेरे सखा, मेरे राम

by Dev Srivastava
  • (4.3/5)
  • 9.5k

बैठा था मैं आंखें मूंद,भजन करता अपने राम लला का ।विश्वास न हुआ इन आंखों पर,जब साक्षात चेहरा दिखा ...

प्रेम की परिभाषा : कृष्ण और राधा

by Dev Srivastava
  • (4/5)
  • 14.9k

*_प्रेम की परिभाषा : कृष्ण और राधा_*पहली बार जब राधा आई,गोकुल अपने पिता के संग ।नजर उनकी पड़ी कान्हा ...

कोहराम

by Dev Srivastava
  • (5/5)
  • 10k

सुबह हुई, सूरज उग आया ।रोते हुए उसने रात को बिताया ।आंखों के सामने उसके,अंधेरा अब था छाया ।क्या ...