समीक्षा कृति- जादूगर जंकाल और सोनपरी ...
समीक्षा - ...
उपन्यास-मुख़विर- राजनारायण बोहरे ...
बाल यात्रा वृतान्त ...
एकांकी-मालती माधवम् भवभूति मंचपर उपस्थित होकर- मैं भवभूति आज अपने नाटकों में स्वयं को ...
आठवी शताव्दी के उत्तरार्ध का आइना महाकवि भवभूति साहित्य ...
आत्मकथ्य शैली में भवभूति ...
कालप्रियनाथ के मन्दिर के शिलालेखों का निहितार्थ इतिहासकारों का कहना है ...
जनश्रुतियों के आइने में पद्मावती नगरी एवं भवभूति साहित्य ...
पद्मावती (पवाया)में शोधकी अनन्त संभावनायें पद्मावती नगरी के अवशेष ...