Raj Phulware stories download free PDF

बच्चा बिक्री केंद्र

by Raj Phulware
  • 72

बच्चा बिक्री केंद्र(वर्ष 3000 की विस्तृत कहानी)लेखक : राज फुलवरे---प्रस्तावनामेरे प्रिय पाठको,यह कहानी एक काल्पनिक भविष्य की है।यह किसी ...

हमशकल

by Raj Phulware
  • 381

हमशकललेखक राज फुलवरेशहर की शामें हमेशा भीड़, भागदौड़ और शोर से भरी होती हैं। लेकिन इसी शहर के एक ...

चंदेला - 3

by Raj Phulware
  • 486

चंदेला — भाग 3लेखक: राज फुलवरेतीसरा पाठ — प्रकाश की जिम्मेदारीकांता अब केवल एक नाम नहीं रही थी। वह ...

बाबा भाग 2

by Raj Phulware
  • 570

बाबा भाग 2सुबह के पाँच बज चुके थे। शहर धीरे-धीरे जाग रहा था। आसमान में हल्की लालिमा थी, जैसे ...

राजा और रैंचो

by Raj Phulware
  • 641

राजा और रैंचो---अध्याय 1 – एक अनोखी मुलाकातमुंबई की हलचल भरी सड़कों पर, एक ऐसा इंसान रहता था जो ...

बाबा भाग 1

by Raj Phulware
  • 1.2k

बाबा भाग 1लेखक राज फुलवरेविट्ठल पाटिल अब उम्र के उस पड़ाव पर आ चुके थे, जहाँ शरीर धीमा हो ...

ट्रिपलेट्स भाग 4

by Raj Phulware
  • 498

ट्रिपलेट्स भाग 4लेखक राज फुलवरेअध्याय 8 : अंडरग्राउंड लैब — जहाँ इंसान प्रयोग बन जाते हैंभाग 1 : अंधेरे ...

कृष्ण–अर्जुन

by Raj Phulware
  • (0/5)
  • 1.2k

⭐ कृष्ण–अर्जुनकुरुक्षेत्र का युद्ध समाप्त हो चुका था।घोड़ों की हिनहिनाहट, रथों की गड़गड़ाहट,तीरों की वर्षा और रणभूमि की गर्जना—सब ...

विंचू तात्या

by Raj Phulware
  • 573

विंचू तात्यालेखक राज फुलवरेरात का सन्नाटा था. आसमान में आधी छिपी चाँदनी मकान की खिडकियों पर चांदी की लकीरें ...

ट्रिपलेट्स भाग 3

by Raj Phulware
  • 507

ट्रिपलेट्स भाग 3लेखक राज फुलवरेअध्याय 6 : जब आईने आमने-सामने आएभाग 1 : सुनसान फैक्ट्री — टकराव की जगहशहर ...