भाग – 3 : "मुझे उसी कमरे में रहना है"सुबह के आठ बजे थे।पूरे हॉस्टल में सिर्फ़ एक ही ...
रूम नं. 407भाग – 2 : बंद दरवाज़े के पीछेआरोही का पूरा शरीर डर से काँप रहा था।उसकी आँखें ...
Part 1दुनिया में दो तरह की डरावनी कहानियाँ होती हैं।एक, जिन्हें लोग खुद बना लेते हैं...और दूसरी, जिनके बारे ...
Part 18डायरी का आखिरी पन्ना...मेरे हाथ अब काँपने लगे थे। पता नहीं क्यों... ऐसा लग रहा था कि मैं ...
Part 17"अगले चार महीने..."ये चार महीने मेरी ज़िंदगी के सबसे खूबसूरत भी थे...और सबसे मुश्किल भी।क्योंकि मेरी हर सुबह ...
Part 16 डायरी का अगला पन्ना पलटते ही मेरे चेहरे पर एक सुकून-सी मुस्कान आ गई। पिछले कई पन्नों ...
Part 15डायरी का अगला पन्ना खोलते ही मेरे मन में एक अजीब-सी घबराहट होने लगी। न जाने क्यों, अब ...
Part 14 डायरी का अगला पन्ना खोलते ही मेरे चेहरे पर अपने आप मुस्कान आ गई। पता नहीं क्यों, ...
Part 13डायरी का अगला पन्ना खोलते ही मेरे हाथ कुछ पल के लिए रुक गए। न जाने क्यों, अब ...
Part 12डायरी का अगला पन्ना...डायरी बंद करने का मन ही नहीं कर रहा था। हर पन्ने के साथ ऐसा ...