Praveen Kumrawat stories download free PDF

दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 2

by Praveen Kumrawat
  • 246

जब आत्मसम्मान को व्यवस्थित तरीके से तोड़ा जाता हैहर बच्चा इस दुनिया में संभावनाओं के साथ जन्म लेता है, ...

दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 1

by Praveen Kumrawat
  • 783

अनुशासन के नाम पर बचपन का कत्लदुनिया में कुछ घाव ऐसे होते हैं जो दिखाई नहीं देते। उनसे खून ...

गर्भ संस्कार - भाग 22 - एक्टिविटीज़–21

by Praveen Kumrawat
  • (5/5)
  • 4.7k

प्रार्थना:राजाओं में श्रेष्ठ श्रीराम सदा विजय को प्राप्त करते हैं। मैं लक्ष्मीपति भगवान् श्रीराम का भजन करता हूँ। सम्पूर्ण ...

गर्भ संस्कार - भाग 21 - एक्टिविटीज–20

by Praveen Kumrawat
  • 3.9k

प्रार्थना:हे बुद्धिदाता श्रीगणेश, मुझे सदा सद्बुद्धि प्रदान कीजिए। हे विघ्नहर्ता, अपने पाश से मेरे सर्व ओर सुरक्षा कवच निर्मित ...

गर्भ संस्कार - भाग 20 - एक्टिविटीज–19

by Praveen Kumrawat
  • 4.1k

प्रार्थना:हम ईश्वर की महिमा का ध्यान करते हैं, जिन्होंने इस संसार को उत्पन्न किया है, जो पूजनीय हैं और ...

गर्भ संस्कार - भाग 19 - ऐक्टिविटीज़–18

by Praveen Kumrawat
  • 4.1k

प्रार्थना:प्रार्थना है यही मेरी, हनुमान जी,मेरे सर पर भी अब हाथ धर दीजिए,राम सीता का दर्शन कराके मुझे,मेरे सपने ...

गर्भ संस्कार - भाग 18 - ऐक्टिविटीज़–17

by Praveen Kumrawat
  • 3.9k

प्रार्थना:हे प्रभु आनंद-दाता ज्ञान हमको दीजिए,शीघ्र सारे दुर्गुणों को दूर हमसे कीजिए।लीजिए हमको शरण में, हम सदाचारी बनें,ब्रह्मचारी धर्म-रक्षक ...

गर्भ संस्कार - भाग 17 - एक्टिविटीज–16

by Praveen Kumrawat
  • 3.6k

प्रार्थना:प्रह्लाद, नारद, पाराशर, पुंडरीक, व्यास, अंबरीश, शूक, शौनक, भीष्म, दाल्भ्य, रूक्मांगद, अर्जुन, वशिष्ठ और विभीषण आदि इन परम पवित्र ...

गर्भ संस्कार - भाग 16 - ऐक्टिविटीज़–15

by Praveen Kumrawat
  • (4/5)
  • 3.9k

प्रार्थना:माँ सरस्वती वरदान दो,मुझको नवल उत्थान दो।यह विश्व ही परिवार हो,सब के लिए सम प्यार हो ।आदर्श, लक्ष्य महान ...

गर्भ संस्कार - भाग 15 - एक्टिविटीज–14

by Praveen Kumrawat
  • 3.5k

प्रार्थना:या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृताया वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दितासा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥1॥भावार्थ– जो विद्या ...