पूरे 20 सालों के बाद आज उसे देख रहा था। उसके चेहरे पर वही ताज़गी, वही मासूमियत अब भी ...
रहने वाली वो परी थी ख़्वाबों के शहर में, शहर में था उसका एक शीशे का महल। उस महल ...