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इंतेक़ाम - भाग 18

by Mamta Meena

निशा को रहने का ठिकाना तो मिल गया था लेकिन अब उसे काम की चिंता थी, इसलिए काम की ...

इंतेक़ाम - भाग 17

by Mamta Meena
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निशा अपना ससुराल छोड़कर और अपने बच्चों को लेकर घर से आ तो गई लेकिन उसे यह चिंता सता ...

इंतेक़ाम - भाग 16

by Mamta Meena
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तब रोमिं बोली बंद कर अपनी यह बकवास और हां तुम्हारी यह मनहूस सूरत आइंदा हमें कभी मत दिखाना ...

इंतेक़ाम - भाग 15

by Mamta Meena
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तब रोमी और निशा की तू तू मैं मैं सुनकर निशा की सास भी कमरे से बाहर आ गई ...

इंतेक़ाम - भाग 14

by Mamta Meena
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एक दिन निशा रसोई में काम कर रही थी उसकी सास अपने कमरे में थी, विजय ऑफिस गया हुआ ...

इंतेक़ाम - भाग 13

by Mamta Meena
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वही रोमी से उसकी की सास ने काफी कहा लेकिन रोमी न एक बार भी नहीं सुनी और कहा ...

इंतेक़ाम - भाग 12

by Mamta Meena
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वही निशा की सास तो अब बस रोमी के आगे पीछे रहती वह इस कोशिश में लगी रहती की ...

इंतेक़ाम - भाग 11

by Mamta Meena
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आज विजय अपनी नई बीवी को लेकर कर आने वाला था उसकी सास ने दुल्हन की तरह पूरे घर ...

इंतेक़ाम - भाग 10

by Mamta Meena
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1 दिन निशा की सास ने खुश होते हुए निशा को बताया की विजय ने किसी करोड़पति की बेटी ...

इंतेक़ाम - भाग 9

by Mamta Meena
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धीरे-धीरे दिन गुजरने लगे अचानक एक दिन खबर आई कि दिल का दौरा पड़ने से उसकी बुआ जी की ...