“विद्या और अविद्या किसको कहते हैं?” तो बड़ा सारगर्भित और संक्षिप्त उत्तर देता है उपनिषद्: “अहंभाव की जन्मदात्री अविद्या ...
महज आठ साल का ही तो था मैं, जब मैंने अपने खेत जाते समय अपनी दादी से पूछा था—"ये ...
सिगमंड फ्रायड के अनुसार मनुष्य का मन एक नहीं होता, बल्कि यह अलग-अलग स्तरों पर काम करता है। उन्होंने ...
प्रेम-प्रेम सब कोइ कहैं, प्रेम न चीन्है कोय।जा मारग साहिब मिलै, प्रेम कहावै सोय॥~ कबीर साहबप्रेम प्रेम सब कहते ...
अध्यात्म का बहुत सीधा और सरल अर्थ है—ख़ुद को जानना। (‘अधि + आत्म’) यानी आत्म के और करीब आना। ...
प्रश्न ~ लड़कियों को पढ़ाई के लिऐ अथवा काम के लिऐ बहुत कम घर से बाहर भेजा जाता है। ...
हम अक्सर एक दूसरे से पूछते हैं कि.. आपका दोस्त कौन...??सामान्यतः उत्तर यही मिलता है कि जो मेरे साथ ...
मैं वो हूँ जो नहीं है ,जो नहीं है वो मैं हूँ।जो अस्तित्व के परे है वो मैं हूँ।जो ...
आपने कभी सोचा है,आज से पचास-साठ साल पहले एक मानसिक रोगी को जितनी एंग्ज़ायटी महसूस होती थी, उतनी आज ...
जन्म से ही हमारे भीतर कामवासना नाम की एक वृत्ति या प्रवृत्ति मौजूद रहती है। यह प्रकृति की अपनी ...