बेटी से बात करके शिवानी के हृदय में ममत्व का सागर सा उमड़ने लगा। दो साल गुज़र गए थे ...
" कोशिश करती हूँ आने की। " " कोशिश नही नीरा, तुझे आना है बस, कैसे भी। " " ...
तस्वीर प्रवेश द्वार खुलते ही पन्द्रह ...
बस अब और नही कावेरी बड़ी तल्लीनता से बोलती जा रही थी, और मीटिंग में शामिल सभी सदस्य प्रशंसा ...
जैसे-2 उपन्यास अपने चरम पर पहुंचता जा रहा था दिव्या लेखक के भावों में डूब उतरा रही थी।वह उपन्यास ...
अचानक उसकी आँख खुली तो अभ्यासवश उसने पलँग की पुश्त पर रखा मोबाइल उठाकर क्लिक किया, सुबह के पाँच ...