Jyoti Prajapati stories download free PDF

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 13

by Jyoti Prajapati
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वंशिका ने रात भर अपनी योजना को शब्द दिए थे। उसने तय कर लिया था कि वह अब और ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 12

by Jyoti Prajapati
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जब भूपेंद्र को पता चला कि वंशिका की तबीयत खराब है, तो वे परेशान तो हुए, लेकिन उससे कहीं ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 11

by Jyoti Prajapati
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अगली सुबह जब काया की नींद खुली, तो उसके मन में एक योजना थी कि वह बच्चों को जगाएगी, ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 10

by Jyoti Prajapati
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काया जब वापस लौटी, तो उसके कदम पहले की तरह डरे-सहमे नहीं थे। अपनी माँ को खोने का दुख ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 9

by Jyoti Prajapati
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काया के जाने के बाद घर की सूरत बदल गई थी, लेकिन वैसा कोहराम नहीं मचा जैसा भूपेंद्र ने ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 8

by Jyoti Prajapati
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सुबह की आपाधापी के बीच घर का माहौल ऊपरी तौर पर तो सामान्य दिख रहा था, लेकिन वंशिका के ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 7

by Jyoti Prajapati
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उस रात, डाइनिंग टेबल पर काया के हाथ के बने पुलाव की खुशबू ने भले ही माहौल में थोड़ी ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 6

by Jyoti Prajapati
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दोपहर का वक्त था। खिड़की से आती धूप अब फर्श पर लंबी लकीरें बना रही थी। घर में एक ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 5

by Jyoti Prajapati
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रात के दस बज चुके थे। बच्चों को सुलाने के बाद काया ने पूरे घर का चक्कर लगाया। ड्राइंग ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 4

by Jyoti Prajapati
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शाम के पांच बज रहे थे। सूरज की सुनहरी किरणें अब नारंगी होकर खिड़कियों से विदा ले रही थीं। ...