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तेरे मेरे दरमियान - 62

by CHIRANJIT TEWARY
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मोनिका घर से विक्की से मिलने के लिए निकल जाती है ।मोनिका को रास्ते पर विक्की की कार दिखाई ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 41

by CHIRANJIT TEWARY
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वर्शाली अपनी आंखें पोंछती हूई कहती है---अब मैं क्या करू एकांश जी मुझे अपनी बहन को भी बचाना है ...

तेरे मेरे दरमियान - 61

by CHIRANJIT TEWARY
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आदित्य: - तुम्हें जो समझना है तुम समझो , मुझे उससे कोई लेना देना नही है , बस तुमसे ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 40

by CHIRANJIT TEWARY
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दयाल मन ही मन सौचता है---" क्यो ना इसको मालिक के लिए उठा लू ।उस लड़की को दैखकर दयाल ...

तेरे मेरे दरमियान - 60

by CHIRANJIT TEWARY
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आदित्य :- कृतिका , छोड़ो , चुप हो जाओ ।कृतिका :- क्या चुप हो जाओ । ये अपने आपको ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 39

by CHIRANJIT TEWARY
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लोगो की रोने की आने आने लगी है। दक्षराज कहता है---दक्षराज :- चलो दयाल बाहर जा कर देखते हैं। ...

तेरे मेरे दरमियान - 59

by CHIRANJIT TEWARY
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उन बदमाशो मे से एक जानवी के करीब आने लगता है , जानवी चिल्लाती है --जानवी :- नही , ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 38

by CHIRANJIT TEWARY
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वर्शाली एकांश से कहती है----वर्शाली : - एकांश जी आप मुझे अपने घर तक पहूँचा देंगे ?सत्यजीत कहता है--सत्यजीत ...

तेरे मेरे दरमियान - 58

by CHIRANJIT TEWARY
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आदित्य जान बूझकर जानवी को जलाने के लिए कहता है --आदित्य :- कंश मामा ..!तिरु :- येस भांजे ।आदित्य ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 37

by CHIRANJIT TEWARY
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गुना एकांश और आलोक के लिए प्लेट लगा देता है और कहता है---यार ये लड़की कोई अप्सरा है क्या ...