"सलाम अम्मा साहब।" सुबह की रौशनी फैलने से पहले ही ऐवान-ए-सद्र में कुसुम की चंचल चहकती आवाज़ ने उसे ...
"मुंशीजी अम्मा साहब की कोई ख़बर? काफ़ी देर हो गई है अम्मा साहब का इंतजार करते करते।" वक़्त को ...
दोपहर ढलने लगी, बादल घिरे हुए थे, हवाएं ठंडी और तेज़ चल रही थी। मीरास महल से आए हुए ...
SCENE 4. "रास्ते से हटो, रास्ते से हटकर खड़े हो जाओ।" तांगे के आगे की तरफ़ बैठा हुआ एक ...
"बाबा आज क्या क्या करना है?" दरगाह के अंदर नौशीन ने चारों तरफ़ देखते हुए पीर से सलाह लिया"तुम्हें ...
SCENE 2"पहले पहर का वक़्त था, ताज़ी ठंडी हवाएं पेड़ों को झूमने पर मजबूर कर रही थीं, सूरज आसमान ...
SCENE 1."मूंशीजी, आपको और शेख़ बाबा को मैंने एक बहुतअहम काम सौंपा था, क्या हुआ उसका?" अम्मा साहब की ...
"इस दरगाह में अगरबत्ती जलाकर जो भी मन्नते मानोगी वो पूरी हो जाएगी बेटा। मालूम नही तुम किस वजह ...
SCENE 4."........ आपकी बेटी काफ़ी बदजुबान और बेकार है, इसे अपने गढ़ का हिस्सा हम कैसे बना लें?..............क्या मेरी ...
"अम्मी जान भाई जान को पता नहीं क्या हो गया है बहुत गुस्से में है, जल्दी आपको बुला रहे ...