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DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 3 Scene 2

by Akamist
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"सलाम अम्मा साहब।" सुबह की रौशनी फैलने से पहले ही ऐवान-ए-सद्र में कुसुम की चंचल चहकती आवाज़ ने उसे ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 3 Scene 1.

by Akamist
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"मुंशीजी अम्मा साहब की कोई ख़बर? काफ़ी देर हो गई है अम्मा साहब का इंतजार करते करते।" वक़्त को ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 2 Scene 5

by Akamist
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दोपहर ढलने लगी, बादल घिरे हुए थे, हवाएं ठंडी और तेज़ चल रही थी। मीरास महल से आए हुए ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 2 Scene 4

by Akamist
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SCENE 4. "रास्ते से हटो, रास्ते से हटकर खड़े हो जाओ।" तांगे के आगे की तरफ़ बैठा हुआ एक ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 2 Scene 3

by Akamist
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"बाबा आज क्या क्या करना है?" दरगाह के अंदर नौशीन ने चारों तरफ़ देखते हुए पीर से सलाह लिया"तुम्हें ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 2 Scene 2

by Akamist
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SCENE 2"पहले पहर का वक़्त था, ताज़ी ठंडी हवाएं पेड़ों को झूमने पर मजबूर कर रही थीं, सूरज आसमान ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 2 Scene 1

by Akamist
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SCENE 1."मूंशीजी, आपको और शेख़ बाबा को मैंने एक बहुतअहम काम सौंपा था, क्या हुआ उसका?" अम्मा साहब की ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 1 Scene 5.

by Akamist
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"इस दरगाह में अगरबत्ती जलाकर जो भी मन्नते मानोगी वो पूरी हो जाएगी बेटा। मालूम नही तुम किस वजह ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 1 Scene 4.

by Akamist
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SCENE 4."........ आपकी बेटी काफ़ी बदजुबान और बेकार है, इसे अपने गढ़ का हिस्सा हम कैसे बना लें?..............क्या मेरी ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 1 Scene 3

by Akamist
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"अम्मी जान भाई जान को पता नहीं क्या हो गया है बहुत गुस्से में है, जल्दी आपको बुला रहे ...