खोज की शुरुआतपेरिसकी चकाचौंध और भीतर का अंधेरा : पेरिस की शाम अपनी पूरी खूबसूरती पर थी। एफिल ...
सर्दियों की हल्की धूप खिली थी। 75 वर्षीय रामदीन बाबू अपनी छड़ी टेकते हुए पार्क के किनारे धीरे-धीरे चल ...
देहरी पर बैठी शामस्थान: सोमेश बाबू का पुराना पुश्तैनी घर। एक बड़ा सा कमरा जिसकी छत ऊँची है और ...
रात के 2:37 हो रहे थे। कमरे में गहरा सन्नाटा था, इतना गहरा कि टेबल पर रखी पुरानी अलार्म ...
अध्याय 1: मैकियावेली और एक ठंडी चायस्थान: दिल्ली यूनिवर्सिटी, नॉर्थ कैंपससमय: सुबह के 10:00 बजे (दिसंबर की धुंध भरी ...
अध्याय 1: एक अजनबी संदेशरात के 12:30 बज रहे थे। यूनिवर्सिटी हॉस्टल का कमरा बिल्कुल शांत था, सिवाय सीलिंग ...