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शून्य का शिखरः हिमालय का योगी

by bekhbar
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खोज की शुरुआतपेरिसकी चकाचौंध और भीतर का अंधेरा : पेरिस की शाम अपनी पूरी खूबसूरती पर थी। एफिल ...

तख्ती, टाट-पट्टटी और वो बचपन

by bekhbar
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सर्दियों की हल्की धूप खिली थी। 75 वर्षीय रामदीन बाबू अपनी छड़ी टेकते हुए पार्क के किनारे धीरे-धीरे चल ...

पुरानी टीस

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देहरी पर बैठी शामस्थान: सोमेश बाबू का पुराना पुश्तैनी घर। एक बड़ा सा कमरा जिसकी छत ऊँची है और ...

अधूरी रात, अधूरे शब्द

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  • 1.6k

रात के 2:37 हो रहे थे। कमरे में गहरा सन्नाटा था, इतना गहरा कि टेबल पर रखी पुरानी अलार्म ...

The Professor

by bekhbar
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अध्याय 1: मैकियावेली और एक ठंडी चायस्थान: दिल्ली यूनिवर्सिटी, नॉर्थ कैंपससमय: सुबह के 10:00 बजे (दिसंबर की धुंध भरी ...

सरहद और स्याही (a love story)

by bekhbar
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अध्याय 1: एक अजनबी संदेशरात के 12:30 बज रहे थे। यूनिवर्सिटी हॉस्टल का कमरा बिल्कुल शांत था, सिवाय सीलिंग ...