Ajay Amitabh Suman stories download free PDF

जय हो बकरी माई

by Ajay Amitabh Suman
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(१) जय हो बकरी माई बकरी को प्रतीक बनाकर मानव के छद्म व्यक्तित्व और बाह्यआडम्बर ...

SIN OF A VIRTUOUS MAN

by Ajay Amitabh Suman
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It is said that the wheel of the chariot of Dharmaraja Yudhishthira never came in contact with the Earth. ...

अधर्म धर्मराज का

by Ajay Amitabh Suman
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ऐसा कहा जाता है कि धर्मराज युधिष्ठिर के रथ का पहिया कभी भी धरती की संपर्क में नहीं आता ...

मज़बूरी

by Ajay Amitabh Suman
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पैसे की तलाश में आदमी को क्या क्या न करना पड़ता है। मोहन एक छोटा सा व्यापारी था। घर ...

कहाँ है मन?

by Ajay Amitabh Suman
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चीन का सम्राट अनगिनत जीत हासिल करके भी बहुत परेशान था। मन मे उठते हुए विचार उसके चितवन मे ...

फितरत इंसान की

by Ajay Amitabh Suman
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मानव के स्वभाव को दिखाती हुई पाँच कविताएँ1.फितरत इंसान कीइन्सान की ये फितरत है अच्छी खराब भी,दिल भी है ...

यम याचन

by Ajay Amitabh Suman
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ये कविता एक आत्मा और यमराज के बीच वार्तालाप पर आधारित है।आत्मा का प्रवेश जब माता के गर्भ में ...

अवसान

by Ajay Amitabh Suman
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जिन्हें चाह है इस जीवन में, स्वर्णिम भोर उजाले की,उनके राहों पे स्वागत करते,घटा टोप अन्धियारे भी।इन घटाटोप अंधियारों ...

रणछोड़

by Ajay Amitabh Suman
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कोरोना में सारा देश बंद हो चूका है । वो तो भला हो फेसबुक और व्हात्त्सप्प का , लोगों ...

बाजार

by Ajay Amitabh Suman
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1.बाजार झूठ हीं फैलाना कि,सच हीं में यकीनन,कैसी कैसी बारीकियाँ बाजार के साथ।औकात पे नजर हैं जज्बात बेअसर हैं ...