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बिसात का आखिरी मोहरा - 6

by Aarti Garval
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बगीचे की उस भीगी खुदाई के पास छाई खामोशी में अचानक एक बिजली का झटका सा महसूस हुआ। रसोइए ...

बिसात का आखिरी मोहरा - 5

by Aarti Garval
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पहाड़ी की ढलान पर सुबह की ताजी हवा अब और ठंडी हो चुकी थी। सूरज बादलों के पीछे छिपा ...

बिसात का आखिरी मोहरा - 4

by Aarti Garval
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पुस्तकालय के शीशों पर रात भर से हो रही मौत की दस्तक अब थमती हुई महसूस हो रही थी। ...

बिसात का आखिरी मोहरा - 3

by Aarti Garval
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कमरे के भीतर फैली सन्नाटे की चादर को सिर्फ बाहर के तूफान का शोर चीर रहा था। इंस्पेक्टर समीर ...

बिसात का आखिरी मोहरा - 2

by Aarti Garval
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कमरे में फैली सन्नाटे की चादर को सिर्फ बाहर के तूफान का शोर चीर रहा था। इंस्पेक्टर समीर ने ...

बिसात का आखिरी मोहरा - 1

by Aarti Garval
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रुद्रपुर की पहाड़ियों पर आज रात आसमां से पानी नहीं, बल्कि साक्षात कहर बरस रहा था। बादलों के गरजने ...

मुलाक़ात - एक अनकही दास्तान - 12

by Aarti Garval
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आदित्य ने गहरी सांस ली और कांपते हुए हाथों से हवेली का पुराना, भारी दरवाज़ा खोला। दरवाज़ा चरमराहट के ...

मुलाक़ात - एक अनकही दास्तान - 11

by Aarti Garval
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आदित्य की धड़कनें तेज़ थीं। ट्रेन से उतरने के बाद से ही उसके भीतर एक अजीब सी बेचैनी घर ...

मुलाक़ात - एक अनकही दास्तान - 10

by Aarti Garval
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आदित्य का दिल अब सिर्फ एक चीज़ चाहता था—संयोगिता। समय बीतता जा रहा था, पर उसकी तड़प, उसकी बेचैनी ...

मुलाक़ात - एक अनकही दास्तान - 9

by Aarti Garval
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मुंबई की रफ़्तार हर किसी को अपने साथ बहा ले जाती है—लोकल की गूंजती पटरियाँ, ऑफिस की दौड़, और ...